स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आज लाल किले से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को बड़ा तोहफा दिया। पीएम मोदी ने “पीएम विकसित भारत रोजगार योजना” की शुरुआत का ऐलान किया, जिसके तहत पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। योजना के तहत पात्र युवाओं को कुल 15,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि देश के विकास में युवाओं की भागीदारी सबसे अहम है और सरकार हर संभव प्रयास करेगी कि युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलें। इस योजना का उद्देश्य न केवल युवाओं को नौकरी के लिए प्रेरित करना है, बल्कि उन्हें लंबे समय तक रोजगार से जोड़े रखना भी है। योजना का फायदा उन युवाओं को मिलेगा, जो 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच नई नौकरी ज्वाइन करेंगे और जिनकी सैलरी से हर महीने ईपीएफ (Employees Provident Fund) का पैसा कटेगा।
इस योजना के दायरे में इंटर्नशिप करने वाले शामिल नहीं होंगे, क्योंकि इसमें सिर्फ नियमित वेतनभोगी कर्मचारी ही लाभ के पात्र हैं। योजना के तहत युवाओं को 15,000 रुपये की राशि दो किस्तों में दी जाएगी—पहली किस्त जॉब शुरू करने के छह महीने बाद और दूसरी किस्त 12 महीने पूरे होने पर।
कंपनियों को भी लाभ
पीएम विकसित भारत रोजगार योजना का फायदा सिर्फ युवाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कंपनियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। जो कंपनियां ईपीएफओ (EPFO) में रजिस्टर्ड हैं और निर्धारित अवधि में नए कर्मचारियों की भर्ती करेंगी, उन्हें प्रति कर्मचारी अधिकतम 3,000 रुपये की राशि दी जाएगी। यह राशि 6, 12, 18 और 24 महीने के अंतराल पर जारी की जाएगी।
कंपनियों के लिए भी कुछ शर्तें तय की गई हैं—यदि कंपनी में कर्मचारियों की संख्या 50 से कम है, तो कम से कम 2 नए कर्मचारियों की भर्ती करनी होगी, जबकि 50 से अधिक स्टाफ वाली कंपनियों को कम से कम 5 नए कर्मचारियों को शामिल करना होगा।
हरियाणा में असर
हरियाणा जैसे औद्योगिक राज्य, जहां गुरुग्राम, फरीदाबाद, मानेसर और पानीपत जैसे बड़े औद्योगिक केंद्र हैं, इस योजना का सीधा फायदा उठा सकते हैं। यहां बड़ी संख्या में युवा पहली बार नौकरी की तलाश में रहते हैं, खासकर ऑटोमोबाइल, आईटी और टेक्सटाइल सेक्टर में। औद्योगिक संगठनों ने उम्मीद जताई है कि इस योजना से राज्य में रोजगार दर में सुधार होगा और युवाओं का पलायन भी कम होगा।