Paytm यूजर्स के लिए एक राहत भरी खबर आई है। Paytm Payments बैंक पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने मार्च 2024 में बैन लगा दिया गया था। लेकिन अब करीब डेढ़ साल बाद इसको RBI से राहत मिली है। RBI की तरफ से पेटीएम पेमेंट्स सर्विसेज को ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर के रूप में काम करने की मंजूरी मिल गई है। पेटीएम की पेरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस (One97 Communications) द्वारा यह जानकारी दी गई है। RBI द्वारा Paytm Payments पर नए मर्चेंट जोड़ने से लगी पाबंदी को भी हटा दिया है।
पेमेंट एग्रीगेटर के तौर पर काम करने की मंजूरी
RBI की तरफ से Paytm Payments को पेमेंट एग्रीगेटर (PA) के तौर पर काम करने के लिए मंजूरी दी गई है। यह मंजूरी RBI के पेमेंट एग्रीगेटर और पेमेंट गेटवे नियमों के तहत दी दी गई है। हालांकि, व्यापारियों के लिए पे-आउट ट्रांजेक्शन इन नियमों के दायरे में नहीं आते। पेमेंट एग्रीगेटर के लिए बनाए गए एस्क्रो अकाउंट से नहीं किया जा सकता। आपको बता दें कि Paytm एक बार फिर से अपने प्लेटफॉर्म पर नए मर्चेंट को जोड़ पाएगा। इससे इसके पेमेंट बिजनेस को मजबूती मिलेगी।
साइबर सिक्योरिटी ऑडिट कराने का भी आदेश
RBI द्वारा पेटीएम पेमेंट्स को सिस्टम ऑडिट और साइबर सिक्योरिटी ऑडिट कराने का भी आदेश दिया है। यह ऑडिट CERT-In से सर्टिफाइड ऑडिटर, ISACA से रजिस्टर्ड CISA या ICAI से DISA रजिस्टर्ड ऑडिटर की तरफ से किया जाएगा। ऑडिट में 30 जुलाई 2024 को जारी साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल पेमेंट के नियमों और 6 अप्रैल 2018 के डेटा स्टोरेज नियमों की जांच की जाएगी।
6 महीने में ये काम करना जरूरी
Paytm को मंजूरी के छह महीने के अंदर सिस्टम ऑडिट रिपोर्ट जमा करानी जरूरी है। यदि कंपनी की तरफ से ऐसा नहीं किया जाता तो यह मंजूरी ऑटोमेटिक कैंसिल हो जाएगी। इसके बाद अंतिम मंजूरी पर किसी तरह का विचार नहीं किया जाएगा। RBI द्वारा Paytm को 4 जुलाई 2022 के नियमों का पालन करने के लिए भी कहा गया है। इसमें शेयरहोल्डिंग में बदलाव, नियंत्रण हस्तांतरण या पेमेंट सिस्टम एक्टिविटी के हस्तांतरण के लिए पहले से मंजूरी लेना जरूरी है।
जानें क्या है पेमेंट एग्रीगेटर?
उदाहरण के तौर पर बात करें तो आपका ऑनलाइन बिजनेस है, जहां आप अपना प्रोडक्ट बेचते हो. कोई कस्टमर UPI, कार्ड या नेट बैंकिंग के जरिये पेमेंट करना चाहता है तो आपको उससे पैसे सीधे लेने और इसे सिक्योर रखने के लिए सिस्टम की जरूरत होती है. यहां पर पेमेंट एग्रीगेटर काम आता है.
पेमेंट एग्रीगेटर कस्टमर से पैसा लेकर उसे एस्क्रो अकाउंट में सुरक्षित रखता है. इसके बाद तय समय पर इस पैसे को आपके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाता है. इससे आपको अलग-अलग पेमेंट सिस्टम से जुड़ने का झंझट नहीं करना पड़ता, सब कुछ एग्रीगेटर के जरिये मैनेज हो जाता है.